Movie Review

कॉमेडी और मनोरंजन से भरपूर हैं फिल्म “लाइफ में टाइम नहीं हैं”
- एस.पी. चोपड़ा,नई दिल्ली: हाल हीं में कई बॉलीवुड फिल्मे रिलीज़ हुई हैं, जिसमे दर्शकों ने सबसे ज्यादा कॉमेडी जोनर में दिलचस्पी दिखाई है। दर्शकों को हंसी के ठाहाकें लगवाने के लिए इस लिस्ट में अब शामिल होने जा रही है मल्टी स्टारर फिल्म “लाइफ में टाइम नहीं है किसी को”। गौरतलब है कि यह फिल्म कॉमेडी और मनोरंजन के साथ-साथ दर्शकों को एक बहुत अच्छा संदेश भी दे रही है।
 
Yaaram Movie Press Show in Delite Diamond Cinema
-Image Media Network, New Delhi : Yaaram movie press show was held in Delhi . The screening was held at Delite Diamond Cinema.
 
पंजाबी फिल्म ‘सुर्खी बिंदी’ की विशेष स्क्रीनिंग
( एस.पी. चोपड़ा ) पंजाबी फिल्म सुर्खी बिंदी की विशेष स्क्रीनिंग बेस्टच स्क्वायर मॉल मोहाली सिनेपोलिस मल्टीप्लेक्स में आयोजित की गई।
 
पंजाबी फिल्म जुगनी यारा दी की विशेष स्क्रीनिंग
( एस.पी. चोपड़ा ) पंजाबी फिल्म जुगनी यारा दी की विशेष स्क्रीनिंग बेस्टच मॉल मोहाली सिनेपोलिस मल्टीप्लेक्स में आयोजित की गई। यह फिल्म प्यार,दोस्ती और कॉमेडी का मिक्चर है। जो आप को हंसाएगा ओर रुलाएगा भी। फ़िल्म का म्यूजिक भी ठीक-ठाक है। एक्शन सीन भी अच्छे है।
 
“द लायन किंग“ की विशेष स्क्रीनिंग
( एस.पी. चोपड़ा ) जॉन फेवर्यू की अमेरिकी फिल्म “द लायन किंग“ की विशेष स्क्रीनिंग राष्ट्रीय राजधानी कमे सिलेक्ट सिटी वॉक मॉल स्थित पीवीआर मल्टीप्लेक्स में आयोजित की गई। यह फिल्म 1994 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘द लायन किंग’ की रीमेक है, जिसका निर्देशन रॉब मिंकॉफ और रोजर एलर्स ने किया है। फिल्म के केंद्रीय पात्रों के डायलॉग की हिंदी डबिंग पिता-पुत्र की जोड़ी द्वारा की गई है। जी हां, मुफासा की आवाज को बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान ने डब किया है, जबकि सिम्बा को आवाज उनके बेटे आर्यन खान ने दी है।
 
फ़िल्म समीक्षा : रांझा रिफ्यूजी पैसा वसूल फ़िल्म है…
- एस.पी. चोपड़ा .
 
Movie Review : पति और पत्नी के रिश्ते के अहसास की कहानी है ‘सुई धागा’
-S.P.Chopra.
 
Movie Review : आम आदमी की खींचातानी है 'बत्ती गुल और मीटर चालू' की कहानी
-S.P.Chopra
 
अपनी शर्तों पर जीने वाले करते हैं “मनमर्ज़ियां”
- एस.पी. चोपड़ा .
 
Movie Review: STREE
-S.P.Chopra
 
फिल्म समीक्षा : प्यार और बदले की कहानी “साहेब बीवी और गैंगस्टर 3”
- एस.पी. चोपड़ा . तिग्मांशु धुलिया के नाम के आगे जहां हासिल, साहेब बीवी और गैंगस्टर और पान सिंह तोमर जैसी उम्दा फिल्में दर्ज हैं तो दूसरी ओर इसी निर्देशक ने बुलेट राजा, राग देश और शागिर्द जैसी कमजोर फिल्में भी दी हैं। यानी तिग्मांशु धुलिया अभी भी विश्वसनीयता नहीं बना पाए। साहेब बीवी और गैंगस्टर सीरिज की फिल्में उन्होंने देखने लायक बनाई थीं। हालांकि पहले पार्ट की तुलना में दूसरा पार्ट थोड़ा कमजोर था, फिर भी तीसरे पार्ट से उम्मीद थी क्योंकि यह तिग्मांशु का चिर-परिचित मैदान था, लेकिन इस बार तिग्मांशु ने बुरी तरह निराश किया। साहेब और बीवी के किरदार तो तय हैं, गैंगस्टर बदलता रहता है और यही किरदार अलग रंग लिए रहता है। पहले पार्ट में यह किरदार रणदीप हुड्डा ने निभाया था और दूसरे भाग में इरफान खान ने। तीसरे पार्ट में संजय दत्त 'गैंगस्टर' के रूप में नजर आए हैं। इस किरदार को ठीक से नहीं लिखा गया है और संजय दत्त ने भी बहुत ही बुरी एक्टिंग कर मामले को और बिगाड़ दिया है।
 
फिल्म समीक्षा : जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर की “धड़क”
- एस.पी. चोपड़ा . मराठी में बनी सुपरहिट फिल्म 'सैराट' का हिंदी रीमेक 'धड़क' नाम से बनाया गया है। जिन्होंने 'सैराट' देखी है उन्हें तो 'धड़क' निराश करती ही है और जिन्होंने नहीं भी देखी है उन्हें भी 'धड़क' प्रभावित नहीं कर पाती। धड़क के निर्देशक शशांक खेतान रीमेक में मूल फिल्म की आत्मा नहीं डाल पाए और न ही अपनी ओर से कुछ दे पाए, जिसका सीधा असर फिल्म पर पड़ा है। धड़क की खासियत है कि इसके हीरो-हीरोइन 21-22 बरस के हैं और लंबे समय बाद इतने कम उम्र के हीरो-हीरोइन परदे पर रोमांस करते दिखाई दिए हैं। लेकिन इस ताजगी को खत्म होने में ज्यादा देर नहीं लगती क्योंकि फिल्म टिपिकल बॉलीवुड फॉर्मूलों में जकड़ी नजर आती है। तो चलिए, जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर की धड़क आपके दिल को धड़का पाती है या नहीं… इस फिल्म के बारे में विस्तार से जानते हैं।
 
जिहाद की कहानी है 'ओमर्टा'
# बॉलीवुड के जाने माने डायरेक्टर हंसल मेहता की नजर इस बार एक आतंकी की कहानी पर पड़ी हैं.
 

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